Gehlot Cabinet Expansion: पंजाब में पार्टी का मसला निपटाने के बाद प्रदेश प्रभारी अजय माकन और राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल लगातार राजस्थान के मसले पर काम कर रहे हैं. इसी माह के अंत तक मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है.
जयपुर. पंजाब में कैप्टन अमरिंदर और नवजोत सिंह सिद्धू का विवाद सुलझाने के बाद अब कांग्रेस हाईकमान की नजर राजस्थान में गहलोत वर्सेज पायलट विवाद पर आ गई है. कांग्रेस आलाकमान प्रदेश के सियासी घमासान को खत्म करने के लिए जल्द की मंत्रिमंडल विस्तार करा सकता है. इस बारे में सचिन पायलट से प्रदेश प्रभारी अजय माकन का मंथन हो चुका है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से अंतिम चर्चा करने के लिए राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल आज जयपुर आएंगे.
प्रदेश में काफी समय से चले आ रहे गहलोत और पायलट के विवाद को सुलझाने के मूड में अब कांग्रेस आलाकमान आ गया है. वैसे भी गहलोत सरकार का आधा कार्यकाल बीत चुका है. ऐसे में पार्टी हाईकमान चाहता है कि अब एकजुटता के साथ प्रदेश के विकास में काम किया जाए. इसके लिए कांग्रेस के बड़े नेता पायलट और गहलोत दोनों से अलग—अलग मंथन कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक सबसे पहले मंत्रिमंडल विस्तार होगा. इसमें पायलट गुट के विधायकों को भी मंत्री बनाया जाएगा.
पायलट से मंथन, गहलोत से चर्चा आज होगी
मंत्रिमंडल विस्तार के लिए एक बार पायलट से मंथन हो चुका है अब अंतिम चर्चा गहलोत से आज हो सकती है. मंत्रिमंडल विस्तार में दोनों गुटों के विधायकों को समयोजित करने के साथ—साथ भौगोलिक और जातिगत समीकरणों पर भी जोर दिया जाएगा. ताकि सभी संभागों और जातिगत नेताओं को संतुष्ट किया जा सके. मंत्रिमंडल विस्तार इसी माह के अंत तक या अगस्त के पहले सप्ताह में हो सकता है.
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ बनेंगे संसदीय सचिव
पंजाब में पार्टी का मसला निपटाने के बाद अजय माकन ओर केसी वेणुगोपाल लगातार राजस्थान के मसले पर काम कर रहे हैं. राजस्थान में अभी संख्या के आधार पर 30 तक मंत्री बनाए जा सकते हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक अभी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों की संख्या 28 ही रहेगी. छत्तीसगढ़ की तर्ज पर कुछ नेताओं को संसदीय सचिव बनाया जा सकता है.